अस्सी और गंगा के संगम पर सबसे दक्षिणी घाट, प्रातःकालीन ‘सुबह-ए-बनारस’ आरती के लिए प्रसिद्ध।
अस्सी घाट वाराणसी के घाटों का दक्षिणी छोर है, जहाँ अस्सी नदी गंगा में मिलती है। छात्रों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का प्रिय यह घाट हर भोर ‘सुबह-ए-बनारस’ आरती, योग और शास्त्रीय संगीत से एक प्राचीन पीपल वृक्ष के नीचे जीवंत हो उठता है।
सुबह-ए-बनारस
सूर्योदय पर
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